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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चावल कैसे और कितना खाà¤à¤‚?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤• दिन में 9 से 11 सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग चावल का सेवन किया जा सकता है (2)। वहीं, विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ à¤à¤• दिन में आधा कप पके हà¥à¤ चावल का सेवन कर सकती हैं (3)।
अगर बात आती है चावल के सेवन के तरीकों की, तो इसे निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार से खा सकते हैं :
चावल को उबालकर खा सकते हैं।
चावल की खिचड़ी बना कर à¤à¥€ खा सकते हैं।
चावल से पà¥à¤²à¤¾à¤µ à¤à¥€ बनाकर खा सकते हैं।
चावल की खीर à¤à¥€ बनाई जा सकती है।
चलिठअब चावल खाने के फायदों को जान लीजिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चावल खाने के फायदे | Pregnancy me chawal khane ke fayde
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चावल खाने के फायदे, इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चावल का सेवन शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ के सà¥à¤¤à¤° के बनाठरखने में मदद कर सकता है। जैसा कि हमने लेख में बताया कि चावल को कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ माना गया है। शरीर में जाने के बाद यह à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ में परिवरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ हो जाता है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के साथ-साथ à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में मददगार हो सकता है (2)। इसके अलावा, डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की वेबसाइट पर à¤à¥€ इसे ऊरà¥à¤œà¤¾ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ बताया गया है (3)। यही कारण है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ चावल का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
2. मतली से आराम पाने के लिठ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ शामिल हो सकती है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध की मानें, तो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कई पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ (जिनमें चावल à¤à¥€ शामिल है) की कमी के कारण मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है (4)। à¤à¤¸à¥‡ में चावल का सेवन मतली की समसà¥à¤¯à¤¾ को कà¥à¤› हद तक कम करने में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साबित हो सकता है।
3. पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® बरà¥à¤¥ से बचाव में सहायक : अगर किसी महिला का पà¥à¤°à¤¸à¤µ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37 हफà¥à¤¤à¥‡ पूरे करने से पहले ही हो जाता है, तो मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में उसे पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® बरà¥à¤¥ यानी समय से पहले जनà¥à¤® कहा जाता है। डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की मानें, तो पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® बरà¥à¤¥, नवजात की मृतà¥à¤¯à¥ से सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारणों में शामिल है (5)। वहीं, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर मौजूद à¤à¤• रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, चावल का सेवन इस समसà¥à¤¯à¤¾ के जोखिमों को कà¥à¤› हद तक कम करने में मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, इसके साथ फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सेवन की à¤à¥€ बात कही गई है (6)। वहीं, इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठअकेले चावल किस हद तक लाà¤à¤•ारी हो सकता है, फिलहाल इस विषय में अà¤à¥€ और रिसरà¥à¤š किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
4. अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¥‚ख लगने की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी : पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान अधिक à¤à¥‚ख लगने की इचà¥à¤›à¤¾ को कम करने के लिठà¤à¥€ चावल खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। बताया जाता है कि चावल फाइबर से समृदà¥à¤§ होता है। वहीं, फाइबर पाचन को धीमा कर पेट को अधिक समय तक à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† महसूस करने में मदद कर सकता है (7)। à¤à¤¸à¥‡ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फाइबर से यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ के रूप में चावल का सेवन अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¥‚ख लगने की इचà¥à¤›à¤¾ में कमी लाने में सहायक माना जा सकता है।
5. ताकत बढ़ाने के लिठ: गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में ताकत बढ़ाने के लिठà¤à¥€ चावल का सेवन लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है। इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर मौजूद à¤à¤• रिसरà¥à¤š से होती है। इस शोध में बताया गया है कि कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं का यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान चावल का सेवन करने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ताकत मिलती है(8)। हालांकि, इसके पीछे इसका कौन-सा गà¥à¤£ काम करता है, फिलहाल इस बारे में अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
6. जनà¥à¤® दोष के जोखिम को कम करने के लिठ: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान चावल का सेवन जनà¥à¤® दोष से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ जोखिमों को à¤à¥€ कम करने में à¤à¥€ सहायक हो सकता है। दरअसल, चावल फोलेट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है (9)। वहीं, à¤à¤• रिसरà¥à¤š में जानकारी मिलती है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले और दौरान फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सेवन करने से होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ जनà¥à¤® दोष के जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है (10)।
7. à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव में सहायक : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चावल का सेवन à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव में कà¥à¤› हद तक मददगार हो सकता है। दरअसल, चावल में फोलेट के साथ-साथ आयरन की à¤à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है (9)। वहीं, शरीर में आयरन की सही मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाव का काम कर सकती है (11)। इसके अलावा, फोलेट लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं (red blood cells) के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में सहायता करता है, जिससे à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (10)।
8. कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठ: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने के लिठफाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन की सलाह दी जाती है (12)। बता दें कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस फाइबर से समृदà¥à¤§ होता है। इसका सेवन कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ में कà¥à¤› हद तक राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है (1)।
9. मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठ: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ कहलाती है (13)। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के लिठबà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस खाना फायदेमंद हो सकता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध में बताया गया है कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस के सेवन से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र के सà¥à¤¤à¤° को कम करने में मददगार साबित हो सकता है, जिससे मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है (14)।
10. नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठ: पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में आम मानी जाती है (15)। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस का सेवन इस समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में गामा-à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥‚टिरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (gamma-aminobutyric acid – à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटर) मौजूद होता है, जो नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° ला सकता है और सोने की अवधि को बढ़ाने में सहायता कर सकता है (16)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ में लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है।
11. इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के लिठ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को मजबूत बनाने के लिठà¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस के फायदे देखे जा सकते हैं। इससे संबंधित à¤à¤• शोध में साफतौर से इस बात का जिकà¥à¤° मिलता है कि अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बढ़ावा दे सकता है। इसके पीछे इसमें मौजूद गामा-à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥‚टिरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ देखा जा सकता है (16)। यही वजह है कि रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाने के लिठबà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस खाना फायदेमंद माना जाता है।
12. उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के लिठ: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² हाइपरटेंशन यानी उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ को कम करने में à¤à¥€ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है। जैसा कि हमने लेख में बताया कि बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में गामा-à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥‚टिरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है। वहीं, à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• शोध में बताया गया है कि गामा-à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤¬à¥à¤¯à¥‚टिरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कम करने में कà¥à¤› हद तक कारगर साबित हो सकता है (16)। à¤à¤¸à¥‡ में यह माना जा सकता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस का सेवन हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।
चावल खाने के फायदों को जानने के बाद इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ नà¥à¤•सानों को à¤à¥€ जानना जरूरी है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चावल से होने वाले नà¥à¤•सान
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में किसी à¤à¥€ चीज का सेवन सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है। चावल के मामले में à¤à¥€ यह बात लागू होती है। इसलिà¤, जरूरी है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही चावल का सेवन करें, नहीं तो इसके कà¥à¤› हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सामने आ सकते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सफेद चावल का सेवन मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम को 17 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बढ़ा सकता है (17)।
इसके अलावा, सफेद चावल का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन करने से मेटाबॉलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (हृदय रोग, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को बढ़ाने वाले जोखिम कारकों का समूह) के जोखिम को बढ़ा सकता है (18)।
वहीं, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस में आरà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¿à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है। à¤à¤¸à¥‡ में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन à¤à¥à¤°à¥‚ण के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है।
हालांकि, इस विषय में अà¤à¥€ और शोध किठजाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है (19)।
इसके अलावा, चावल में मौजूद आरà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¿à¤• मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ के साथ-साथ निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण और शॉक यानी सदमे को बढ़ा सकता है (20)।
इसके अलावा, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में आरà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤•िन, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और लंगà¥à¤¸ कैंसर का कारण बन सकता है (21)।
यही नहीं, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में आरà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¿à¤• मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का कारण बनने के साथ-साथ मृतà¥à¤¯à¥ का कारण à¤à¥€ बन सकता है (22)।
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